फैक्ट चेक नीति
दावे चुनने, स्रोत जुटाने, निर्णय देने और फैक्ट चेक सुधारने की हमारी प्रक्रिया।
Hinduwire का फैक्ट चेक किसी व्यक्ति की लोकप्रियता नहीं बल्कि जांच योग्य सार्वजनिक दावे के प्रमाण पर केंद्रित होता है।
हम किन दावों की जांच करते हैं
ऐसे वायरल, राजनीतिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, तकनीकी या सार्वजनिक महत्व के दावे प्राथमिकता पा सकते हैं जिनका प्रभाव व्यापक हो और जिन्हें प्रमाण से जांचा जा सके। केवल निजी राय या भविष्यवाणी को तथ्यात्मक दावा मानकर रेट नहीं किया जाता।
मूल दावा सुरक्षित करना
जहां संभव हो मूल पोस्ट, वीडियो, भाषण, दस्तावेज़ या आधिकारिक रिकॉर्ड का URL, तारीख और संदर्भ सुरक्षित किया जाता है। स्क्रीनशॉट सहायक हो सकता है, लेकिन उपलब्ध होने पर मूल स्रोत को प्राथमिकता दी जाती है।
स्रोतों का क्रम
प्राथमिक रिकॉर्ड, आधिकारिक दस्तावेज़, मूल डेटा, प्रत्यक्ष वीडियो/ऑडियो और विषय विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जाती है। द्वितीयक रिपोर्टें संदर्भ दे सकती हैं, लेकिन निर्णायक दावे के लिए संभव होने पर मूल प्रमाण तक पहुंचना बेहतर है।
रेटिंग
हम “सही”, “ज़्यादातर सही”, “आधा सच/संदर्भ जरूरी”, “भ्रामक”, “ज़्यादातर गलत”, “गलत” और “अपुष्ट” जैसे स्पष्ट निर्णय इस्तेमाल कर सकते हैं। रेटिंग के साथ पाठक को यह बताया जाना चाहिए कि फैसला किन प्रमाणों पर आधारित है।
विधि की पारदर्शिता
हर फैक्ट चेक में जांच की विधि, महत्वपूर्ण स्रोत और वह संदर्भ शामिल होना चाहिए जो पाठक को निष्कर्ष स्वतंत्र रूप से समझने में मदद करे।
अपील और सुधार
जिस व्यक्ति या संगठन के दावे की जांच की गई है, वह अतिरिक्त प्रमाण भेज सकता है। नया विश्वसनीय प्रमाण निष्कर्ष बदलता है तो लेख अपडेट किया जाएगा और महत्वपूर्ण बदलाव को नोट किया जाएगा। संपर्क: [ईमेल जोड़ें].